' हंसती हुई स्त्री '
और ' रोता हुआ पुरुष '
जीवन के दो सुंदर दृश्य हैं
जब स्त्री की दंतपंक्तियों से
पुरूषों की सी आजादी
और आदमी की आंखों से
स्त्री के से दुःख
झरते हैं।
ये विश्व कप जितना फॉरवर्ड्स का है,उतना ही गोलकीपर्स का भी है। जितना मेस्सी,क्रिश्चियनों रोनाल्डो,म्बापे,हॉलैंड,विनिसियस जूनियर, उस्मान डेंब...
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