' हंसती हुई स्त्री '
और ' रोता हुआ पुरुष '
जीवन के दो सुंदर दृश्य हैं
जब स्त्री की दंतपंक्तियों से
पुरूषों की सी आजादी
और आदमी की आंखों से
स्त्री के से दुःख
झरते हैं।
एक : फीके फीके से खेल इस बार के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ खेल बहुत फीके फीके से हैं। ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया द्वारा मेजबानी...
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