आज नीदरलैंड और मोरक्को के बीच मैच का निर्णय पेनाल्टी शूट आउट से हुआ। यहां भी चार-चार पेनाल्टी के बाद स्कोर 2-2 की बराबरी था। नीदरलैंड की तरफ से पांचवीं पेनाल्टी क्रिसेंसियो समरविले ने ली और बॉल बाहर मार दी। अब हार जीत का सारा दारोमदार एक खिलाड़ी पर था जो मोरक्को की पांचवीं पेनाल्टी ले रहा था। उसका नाम था इस्माइल सैबारी। उसने अपना संतुलन बनाए रखा। उसने शॉट लिया और बॉल नीदरलैंड के गोलकीपर की डाइव की विपरीत दिशा में गोल के बाएं ओर जाल में उलझा दी।
नीदरलैंड के विरुद्ध मोरक्को की इस जीत के नायक इस्माइल थे, इस्माइल सेबारी। वो इस्माइल सेबारी जो डच लीग के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। जो डच फुटबॉल क्लब इंडोहोवेन से खेलते हैं। वो इस्माइल सेबारी जो बचपन में अस्थि संबंधी विकार के कारण ठीक से खड़े भी नहीं हो पाते थे। जिन्हें बचपन में चलने और खड़े होने के लिए 'ऑर्थोटिक ब्रेस' का प्रयोग करना पड़ता था। वो इस्माइल सेबारी जिसने तब भी हार नहीं मानी और फुटबॉल खेलना शुरू किया। और जब बेल्जियम की एंडरलेक्ट टीम के लिए ट्रायल दिया तो मोटापे की वजह से सिलेक्शन ना हो सका। उन्होंने तब भी हार नहीं मानी और खेलना जारी रखा। वही इस्माइल सेबारी आज राष्ट्र की उम्मीद है,टीम का नायक हैं, विश्व कप के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में शुमार हैं,फुटबॉल प्रेमियों का हीरो है।
अपने पहले विश्व कप में चार मैचों में चार गोल। पहले मैच में ब्राजील के विरुद्ध 1-1 से ड्रॉ में गोल, स्कॉटलैंड के विरुद्ध 1-0 से जीत में 71वें सेकंड में इस विश्व कप का दूसरा सबसे तेज गोल, हैती के विरुद्ध 4-2 से जीत में एक गोल,और नीदरलैंड के विरुद्ध सबसे महत्वपूर्ण पेनाल्टी पर गोल।
क्या ही कमाल खिलाड़ी है।
दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति के आगे हर बाधा बेमानी हो जाती है।
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