ना जाने
ये कब
और कैसे हो गया
मुठ्ठी में करते करते आसमां
आसमां सा जीवन
मुठ्ठी सा अदना हो गया
करते करते मुठ्ठी में जहाँ
ये जीवन
खाली मुठ्ठी सा
रीत गया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कोई भी एक जीत,कोई भी एक पदक जीत लेना मायने रखता है। ये उस टीम या उस एथलीट की योग्यता,प्रतिभा और उसके कठिन पर...
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