Tuesday, 17 January 2023

स्टीफन डगलस केर:'पारस' प्रशिक्षक





स्टीफन डगलस केर:'पारस' प्रशिक्षक


 क होता है पारस पत्थर। जिस चीज को छू ले सोने की बन जाए। बेशकीमती हो जाए। अनमोल हो जाए। कुछ लोग भी पारस होते हैं। वे चीजों को छू भर लें दीप्त होने लगती हैं। सोने की माफिक चमकने लगती हैं। स्टीफेन डगलस केर ऐसे ही प्रशिक्षक हैं। पारस हैं। उन्होंने गोल्डन स्टेट वारियर्स के खिलाड़ियों को छुआ,सितारे बनकर चमकने लगे। गोल्डन स्टेट वारियर्स टीम को छुआ,सफलता की असाधारण चमक से सबको चकाचौंध दिया।

बीते शुक्रवार 13 जनवरी की रात एनबीए के 2022-23 के रेगुलर सीजन में वेस्टर्न कांफ्रेंस में सान एंटोनियो स्पर्स की टीम अपने अरीना अलामो डोम में गोल्डन स्टेट वारियर्स की टीम को होस्ट कर रही थी। इस सीजन पिछली चैंपियन गोल्डन स्टेट वारियर्स की टीम पूरी तरह से फॉर्म में नहीं है और उसकी अच्छी शुरुआत नहीं रही। लेकिन इस मैच में वारियर्स ने शानदार खेल दिखाया और उसने मेजबान स्पर्स को 144-113 से हरा दिया। इस मैच को देखने के लिए रिकॉर्ड संख्या में दर्शक उपस्थित थे। कुल 68,323 दर्शक।

रअसल एक कोच के रूप में स्टीव केर की रेगुलर सीजन में ये 450वीं जीत थी। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए ऐसी ही रिकॉर्ड ब्रेकिंग दर्शकों की उपस्थिति और शानदार जीत की दरकार थी। निसंदेह स्टीव केर एनबीए के महानतम प्रशिक्षकों में से एक हैं।

नबीए के पिछले सीजन 2021-22 में स्टेट वारियर्स की टीम बोस्टन सेल्टिक्स को 4-2 से हराकर पिछले आठ सालों में चौथी बार और अपने फ्रेंचाइजी इतिहास की सातवीं चैंपियनशिप जीत रही थी। आठ सालों में चौथी बार। स्टीव ने गोल्डन स्टेट को छू जो लिया था। वे उसके कोच जो बन गए थे।

स्टीव 2014-15 के सीजन में स्टेट वारियर्स के पहली बार हेड कोच बने और पहली बार में ही उसको चैंपियन बना दिया। ऐसा करने वाले एनबीए के 75 वर्षों के इतिहास में केवल सातवें प्रशिक्षक थे।उल्लेखनीय है फाइनल में वे लेब्रोन जेम्स कैवेलियर्स को हरा कर ये जीत हासिल कर रहे थे।डब नेशन 40 साल बाद चैंपियन बन रही थी। इतना ही नहीं उन्होंने डब नेशन को लगातार 05 साल तक एनबीए के फाइनल में पहुंचाया। 2014 के बाद 2017,2018 और 2022 में स्टेट वारियर्स को चैंपियनशिप दिलाई।

च तो ये है 2014 के सीजन से पहले डब नेशन एक बहुत ही औसत टीम थी। लेकिन इस सीजन उस टीम के हेड कोच बनते ही उन्होंने टीम को औसत टीम से चैंपियन टीम में रूपांतरित कर दिया। 

बिला शक वे एक महानतम प्रशिक्षकों की श्रेणी में शुमार हो चुके हैं। ये इस तथ्य से भी जाना जा सकता है कि 2022 में एनबीए की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर एनबीए ने सार्वकालिक 15 सर्वश्रेष्ठ कोचों की एक सूची जारी की जिसमें स्टीव केर भी एक थे। और वे एकमात्र वर्तमान सक्रिय कोच थे। इससे पहले 1916 के सीजन में उन्हें एनबीए के सर्वश्रेष्ठ कोच का खिताब मिल चुका था।

तना ही नहीं 2022 में जब एक कोच के रूप में चौथी रिंग प्राप्त कर रहे थे तो कुल मिलाकर वे अपनी नवीं रिंग प्राप्त कर रहे थे। पांच खिलाड़ी के रूप में और चार कोच के रूप में। वे एनबीए के एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्होंने कोच और खिलाड़ी के रूप में चार चार रिंग (खिताब ) जीती हैं।

खिर एक प्रशिक्षक के रूप में उनकी सफलता का राज क्या था। दरअसल वे एक उम्दा खिलाड़ी भी थे जो तमाम बेहतरीन प्रशिक्षकों के अधीन और विशेष रूप से महानतम प्रशिक्षक फिल जैक्सन के अधीन खेले थे। उनसे मिले सारे अनुभवों के आधार पर डब नेशन को प्रशिक्षित किया और एक उम्दा टीम में परिवर्तित कर दिया।

क प्रशिक्षक के रूप में उनकी रणनीति का प्रमुख औज़ार था 'त्रिकोणीय आक्रामक तकनीक'।
पहले शिकागो बुल्स और फिर सान एंटोनियो स्पर्स से खेलते हुए जो ट्राई एंगुलर ऑफेंसिव  तकनीक (त्रिकोणीय आक्रामण शैली) से वे रूबरू हुए, उसका परिवर्धित  रूप स्टेट वारियर्स की टीम को दिया और उसे सर्वश्रेष्ठ टीम के रूप में परिवर्तित कर दिया।

त्रिकोणीय आक्रमण तकनीक बास्केटबॉल की एक ऐसी तकनीक या खेल प्रविधि है जिसमें कोई टीम एक विंग से आक्रामक मूव बनाती है जिसमें पास,ड्रिबलिंग और खिलाड़ियों के मूवमेंट के बिंदुओं को जोड़ेंगे तो वे अनेकानेक त्रिकोण बनाएंगे। और इस तरह से आक्रामक टीम बास्केट करने और अंक अर्जित करने के आसान मौकों की निर्मिति करती है। इस तकनीक में जिस विंग में खेल होता है(स्ट्रांग विंग) उसमें तीन खिलाड़ी होते हैं और जिस विंग में खेल नहीं होता है (वीक विंग),उसमें दो खिलाड़ी। 

ये एक ऐसा तरल कॉम्बिनेशन है जिसमें टीम के पांचों खिलाड़ी शामिल होते हैं और इसमें कोई भी खिलाड़ी किसी भी स्थान पर खेल सकता है और एक दूसरे की पोजीशन ले सकता है। इसमें खिलाड़ी की आई क्यू मायने रखती है और दो खिलाड़ियों के बीच का स्पेस भी। ये एक कठिन लेकिन बहुत ही कारगर प्रविधि है जिससे कई टीमें चैंपियन बनी हैं।

स आक्रमण शैली या प्रविधि को इज़ाद करने वाले दक्षिण कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के सैम बैरी माने जाते हैं जिसे आगे चलकर कंसास राज्य के मुख्य प्रशिक्षक टेक्स विंटर ने आगे बढ़ाया जो बैरी के अधीन खेले थे। बाद में शिकागो बुल्स के हेड कोच और दुनिया के महानतम प्रशिक्षकों में से एक फिल जैक्सन ने इसे अपनाया और इस तकनीक को प्रसिद्ध कर दिया।

रअसल 1985 में टेक्स विंटर शिकागो बुल्स में सहायक प्रशिक्षक बन गए और मुख्य कोच फिल जैक्सन के साथ मिलकर त्रिकोणीय आक्रमण तकनीक को लागू किया। परिणाम था कुल 11 एनबीए  चैंपियनशिप। 06 शिकागो बुल्स के साथ और 05 लॉस एंजिलिस लेकर्स के साथ। 

ही वो समय था जब स्टीव केर एक खिलाड़ी के रूप में पहले बुल्स और फिर स्पर्स के साथ कैरियर बना रहे थे और उस तकनीक से रूबरू भी हो रहे थे जिस का प्रयोग करके उन्हें आगे खुद की प्रशिक्षित टीम को चैंपियन बनाना था।

वे भले ही एनबीए के महानतम खिलाड़ियों में से ना रहे हों लेकिन उम्दा खिलाड़ी अवश्य रहे और एक खिलाड़ी के रूप में कुल पांच रिंग जीती। तीन बुल्स के साथ और दो स्पर्स के साथ। 


न्होंने खिलाड़ी के रूप में अपने कॅरियर की शुरुआत एरिज़ोना वाइल्डकैट्स के साथ किया। उसके बाद 1986 में वे फीबा विश्व कप जीतने वाली अमेरिकी टीम के सदस्य थे। इस उपलब्धि ने उनके लिए प्रोफेशनल बनने का रास्ता खोल दिया। उन्हें 1988 में सबसे पहले फीनिक्स संस ने ड्राफ्ट किया। लेकिन 26 मैचों के बाद वे क्लीवलैंड कैवेलियर्स को ट्रेड कर दिए गए। उनका खिलाड़ी के रूप में स्वर्णिम काल 1993 में उस समय शुरू हुआ जब वे शिकागो बुल्स में शामिल हुए। उस समय उस टीम में माइकेल जॉर्डन थे और कोच थे फिल जैक्सन। बुल्स के साथ उन्होंने 1996,1997 और 1998 में तीन रिंग जीती। उसके बाद वे सान एंटोनियो स्पर्स के साथ जुड़े और 1999 में चौथी रिंग जीती। उन्होंने खिलाड़ी के रूप में अपनी पांचवी रिंग 2003 में एक बार फिर स्पर्स के साथ जीती। 

जिस समय 2003 में 15 सीजन के बाद उन्होंने खिलाड़ी के रूप में अपने कॅरियर का समापन किया उस समय वे एक हज़ार से ज़्यादा मैच खेल चुके थे। हालांकि उसमें से केवल 30 मैचों में उन्होंने फर्स्ट फाइव से शुरुआत की। वे थ्री पॉइंटर के  चैंपियन थे। 1997 में उन्होंने थ्री पॉइंटर चैंपियनशिप जीती। उनका थ्री पॉइंटर का कॅरियर औसत 45.4 है जो एनबीए का अब तक का सर्वश्रेष्ठ औसत है। बाद में उनके प्रशिक्षण में स्टीफेन करी ने थ्री पॉइंटर में विशेषज्ञता हासिल की।


स्टीफेन डगलस केर(स्टीव केर) का जन्म लेबनान की राजधानी में हुआ था। 1984 में जब उनके पिता मैल्कम एच केर बेरूत की अमेरिकन यूनिवर्सिटी के  प्रेसिडेंट थे,चरमपंथी गुट ने उनकी हत्या कर दी। उस समय स्टीव केर 18 साल के थे। इस घटना ने उनकी जीवन और उनकी सोच पर गहरा प्रभाव डाला। एक साक्षात्कार में वे कह रहे थे 'पिता की हत्या से पहले मेरा जीवन अभेद्य था। बुरी घटनाएं दूसरों के जीवन मे घटित होती हैं। मैं सोचता था मैं ऐसी घटनाओं से परे हूँ और मेरा परिवार भी।' इस घटना ने उन्हें और अधिक मानवीय बना दिया और दूसरों के दुःख दर्द के प्रति अतिरिक्त संवेदनशील भी।

सीलिए वे अमेरिकी गन कल्चर के घोर विरोधी बने। उन्होंने अमेरिका में हुई हर गोलीबारी पर चिंता जाहिर करते और ऐसी हर घटना पर भावुक और विचलित हो जाते। अमेरिकी संसद में 'गन नियंत्रण विधेयक' पर रिपब्लिकंस के उसे रोकने के प्रयास को अमेरिकी जनता को बंधक बनाने का प्रयास कहा। उन्होंने 'ब्लैक लाइव्स मैटर्स'का भी समर्थन किया और शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन भी। उन्होंने हमेशा'श्वेत सर्वोच्चता'का विरोध किया।

ये सही है कि महान खिलाड़ी बिल रसेल की तरह एक खिलाड़ी के रूप में वे  11 रिंग नहीं जीत सके और ना ही महानतम कोच फिल जैक्सन की तरह एक कोच के रूप में 11 रिंग जीती हैं,पर एक खिलाड़ी और कोच के रूप में संयुक्त रूप से अब तक 09 रिंग जीत चुके हैं और इस रूप में वे औरों से बहुत आगे हैं और अलग भी। कोई उनके आस पास भी नहीं टिकता। फिर उनका संवेदनशील व्यक्तित्व उन्हें असाधारण की श्रेणी में ला खड़ा करता है।
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बिला शक वे 'पारस' है। एक 'पारस प्रशिक्षक'।जिन्होंने गोल्डन स्टेट वरियर्स की टीम को छुआ और उसे सोने की टीम में बदल दिया। वे अभी 57 वर्ष के हैं और एक कोच के रूप में एक लंबा समय उनके पास है। आगे आगे देखिए होता है क्या।


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