ये कैसा तूफान है ज़िन्दगी में इस बार
ना हलचल है कोई ना शोर
आहें हैं सिसकियाँ हैं
बस यही निशां हैं बर्बादी के चारों ओर।
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एक बड़ी चकाचौंध में छोटी सी कोई गहमागहमी अनदेखी रह जाती है। बड़े इवेंट के बीच छोटा सा इवेंट अनचिह्ना रह जाता है। बड़े बड़े संघर्षों के बी...
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