रियो ओलंपिक।विश्व का सबसे बड़ा खेल मेला बस शुरू होने को है।जोश, जुनून और रोमांच का मंच तैयार है।206 देशों के 11हज़ार से ज्यादा एथलीट 28 खेलों की 306 स्पर्धाओं में अपने अपने हुनर का जौहर दिखाने को तैयार हैं और विश्व तैयार है उनकी अतिमानवीय क्षमताओं का,उनके कौशल का अद्भुत प्रदर्शन देखनेको।वहाँ जीत होगी तो हार भी होगी।चेहरों से झरती खुशियाँ होंगी और आखों से बहते गम होंगे ।कुछ सपने हकीकत में बदल जाएंगे तो कुछ सपनेटूट कर किरच किरच बिखर जाएंगे ।वहाँ आँखों में आँखें डाल कर डराने वाले घोर प्रतिस्पर्धी भी होंगे तो गले लगाते सहयोगी भी।वहाँ खेल होगा ,खिलाड़ी होंगे,फ्लैश चमकाते कैमरे होंगे,पत्रकार होंगे,साम्बा की धुन पर थिरकते दीवाने दर्शक होंगे और पूरी ताकत से बाज़ार भी मौजूद होगा।एक आदर्श वाक्य भी होगा"और ऊँचा और तेज और शक्तिशाली"।और इन सब के बीच सवा अरब भारतीयों के लिए केंद्र में होगा अब तक का सबसे बड़ा भारतीय खिलाड़ियों का ओलंपिक दल ।तो आज से रोज़ एक दुआ भारतीय खिलाड़ियों की सफलता के नाम भी।
Wednesday, 7 September 2016
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