हवा बदल गई है
अब हवाएँ ज़हरीली हो गई हैं
धुआं हवाओं को धमकाता है
फ़िज़ाओं में ज़हर मत घोलों
हवाएँ स्तब्ध हैं
निस्पंद हैं
जिससे एक निर्वात पैदा हो गया है
और उसमें सब ऊपर नीचे हो रहे हैं
बिना पेंदी के।
एक : फीके फीके से खेल इस बार के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ खेल बहुत फीके फीके से हैं। ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया द्वारा मेजबानी...
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