Sunday, 20 May 2018

वो






वो 

मेरी ख़ुशी था वो 
बसाया था आँखों में 
एक रंगीन ख्वाब सा। 
एक ग़म आया 
बह गया आसूं बनकर
किसी अजनबी सा। 

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