ये क्या गजब हुआ
कयामत हो गई
और उन्हें पता ही नहीं चला
ना पहले सी नफरत रही
ना पहले सी मोहब्बत
इक वो हैं कि
उन पर कोई असर ही ना हुआ।
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किसी का भाव निरपेक्ष हो जाना ही तो सबसे बड़ी सज़ा है
एक कशमकश है कि अब इख़्तिताम पज़ीर हुआ चाहती है। एक द्वंद्व है जो विराम लिया चाहता है। एक प्रतिद्वंदिता है जो अनिर्णीत समाप्त हुआ चाहती है। द...
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