ज़िंदगी ---
पल पल कटती जाती
रफ्ता रफ्ता बीतती जाती
यूँ ही गुज़रती जाती
बेसाख़्ता तमाम होती जाती
इस बहुत कुछ होते जाने में
गर कुछ नहीं होता
तो यही कि ज़िंदगी जी नहीं जाती।
एक : फीके फीके से खेल इस बार के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ खेल बहुत फीके फीके से हैं। ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया द्वारा मेजबानी...
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