Tuesday, 2 October 2018

कहानी



वो राजा 
वो रानी
वो चुड़ैलों के किस्से
वो परियों की कहानी
कभी नानी की जुबानी
तो कभी दादी की जुबानी
कहाँ वो दिन अब
कहाँ वो रातें
इन्टरनेट की सर्चें अब
और इन्टरनेट की चैटें।

No comments:

Post a Comment

कुछ सपने देर से पूरे होते हैं,पर होते हैं।

  ये खेल सत्र मानो कुछ खिलाड़ियों की दीर्घावधि से लंबित पड़ी अधूरी इच्छाओं के पूर्ण होने का सत्र है।  कुछ सपने देर से पूरे होते हैं,पर होते ...