Monday, 24 July 2017

महिला विश्व कप





             समय सबसे बड़ी शै है। वक़्त पर भला किसका ज़ोर चला है। इसे आज लॉर्ड्स के मैदान पर इतिहास बनाने उतरी भारतीय बालाओं से बेहतर भला  कौन समझ सकता है। जिस टीम को आप राउंड रोबिन में हरा चुके हों और फाइनल में भी लगभग 40 ओवरों तक मैच आप की पकड़ में हो कि अचानक अपनी अनुभवहीनता और हड़बड़ाहट में हार जाते हो तो आप केवल एक मैच ही नहीं हारते बल्कि एक स्वर्णिम इतिहास रचने का मौक़ा भी हाथ से गँवा देते हो। एक ऐसी हार जो आपको लम्बे समय तक सालती रहेगी।एक पल की गलती की खता सदियाँ भुगतती हैं कि कुछ ओवरों की गलतियां लम्बे समय तक टीसती रहेगी।
            इस सब के बावजूद हार निराशाजनक नहीं है। ये तस्वीर का एक पहलू है। आप सेल्फी लेती लड़कियों के चहरे ध्यान से पढ़िए। ये चहरे खुशी और आत्मविश्वास से लबरेज हैं। उन्हें खुद पर भरोसा है। भरोसा अपनी काबिलियत पर कि आने वाले समय में अपने भाग्य की इबारत वे खुद लिखेंगी कि दुनिया उस पर रश्क़ करेगी। हार के बावजूद ये भारतीय टीम ही है जिसने ऑस्ट्रेलिया,इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के वर्चस्व में सेंध लगाई है। ये भारतीय टीम ही है जो इन टीमों के अलावा दो बार फाइनल तक पहुंची। पिछले संस्करण में वेस्टइंडीज फाइनल में पहुँचाने वाली एक और टीम बनी थी।

                           भारत में महिला क्रिकेट की वो स्थिति नहीं है जो पुरुष क्रिकेट की है। हांलाकि पहला महिला टेस्ट मैच 1934 में खेला गया था ऑस्ट्रेलया और इंग्लैंड के बीच। पर भारत में 1973 में महिला क्रिकेट की नींव पडी जब वूमेंस क्रिकेट असोसिऐशन ऑफ़ इंडिया का गठन हुआ और 1976 में पहला टेस्ट मैच खेला वेस्ट इंडीज़ के विरुद्ध।तमाम दबावों के बाद 2006 में वूमेंस एसोसिएशन का बीसीसीआई में विलय हो गया। इस उम्मीद के साथ कि महिला क्रिकेट की दशा सुधरेगी। ऐसा हुआ नहीं। बीसीसीआई ने भी इस और कोई ध्यान नहीं दिया। ना उन्हें पैसा मिला,ना मैच मिले,ना बड़ी प्रतियोगिताएं मिली और ना आईपीएल जैसा कोई प्लेटफार्म। घरेलु क्रिकेट का भी कोई ढांचा विकसित हो पाया। इस सब के बावजूद अगर लडकियां विश्व पटल पर अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराती हैं और एक ताकत बन कर उभर रहीं हैं तो ये उनकी खुद की मेहनत है,लगन है। ये उनके भीतर की बैचनी और छटपटाहट है अपने को सिद्ध करने की,साबित करने की।कोई गल नी जी। इस हार से ही जीत का रास्ता बनेगा कि 'गिरते हैं शह सवार मैदाने जंग में..।कम ऑन टीम इंडिया।

रियली वी मिस यू इटली इन रशिया

                           रियली वी मिस यू इटली इन रशिया   'द आर्किटेक्ट' के नाम से प्रसिद्द इटली के आंद्रे पिरलो दुनिय...