Tuesday, 7 April 2015

बेटी का होना _दो




तेरा हँसना          
सर्द में धूप का खिलना

तेरा मुस्कराना
रात में चांदनी का फैलना 

तेरा रोना
सावन में फुहार का गिरना

तेरा रूठना
बादलों का आसमान में घिरना

तेरा बोलना
राग मल्हार को सुनना

तेरा स्पर्श
खुशियों का दामन में सिमट आना 

तेरा होना
जीवन में अर्थ का होना ।

1 comment:

  1. Waah...kya baat hai bhaiya....chhote chhote ehsaas lekin kitne kore...kisi ke liye...

    ReplyDelete