Friday, 16 August 2013

माँ तेरा आँचल


         

बाबा की तरेरती आँखों से बचने का कवच तेरा आँचल

घर में आये जाने अनजाने चेहरों से मूँह छिपाने का ठिकाना तेरा आँचल 

 जेठ की तपती दुपहरी में हवा करता बसंती बयार सा तेरा आँचल

 दुःख की धूप में सुख की सी छाया देता तेरा आँचल

 दुनिया की सारी बुरी नज़रों से बचाता वज्र सा कठोर तेरा आँचल

 पर मखमल सा नरम नरम सा मुलायम सा तेरा आँचल

 और शरारतन खाने के बाद हाथ पोछने का गुदगुदाता खिलखिलाता सा

 तेरा आँचल

 माँ तुझे सलाम  

 कसम तेरी माँ , ऐसा कुछ भी नहीं जैसा तेरा आँचल
 !